Kharab Kismat Shayari हमारे इस आर्टिकल से बेहतर आपको नहीं मिलेंगी तो आप जरूर ये शायरी पढ़िए और
अपने खराब किस्मत से संबधित बेहतरी शायरी यहा से चुनिए और उसे अपने इंस्टाग्राम, व्हाट्सप्प और फैसबुक पर स्टोरी लगाईये अपनी खराब किस्मत का दर्द हल्का कीजिए।
सभी लोगों को एसा लगता है कि मेरी ही किस्मत खराब है और वो फिर मायूस हो जाते हैं फिर वो अपने किस्मत को कोसते रहते हैं और एसे लोगों के लिए ही मे ने यहा खराब किस्मत पर शायरी लिखी है जिसे आप जरूर पढ़िए और मित्रों को भी सेंड कीजिए जिसके साथ अभी कुछ बुरा हुवा हो।
आजकल कई सारे लोग अपनी किस्मत के भरोसे बैठते है और फिर किस्मत साथ नहीं तो वो फिर उदास हो जाते हैं और अपनी किस्मत को खराब मानते हैं क्या आप भी कुछ उन्हीं लोगों मे से है तो आपको यहा शायरी आवश्यक पढ़नी चाहिए।
Contents
Kharab Kismat Shayari

जो भी मिले player ही निकले,
कोई दिल से खेल गया तो कोई zindagi से…!
कुछ लोगों की zindagi में
खुशियां लिखी ही नहीं होती,
शायद मैं भी उनमें से एक हूं…!
ज़िंदगी इतना भी मत सीखा 😔
अब थोड़ा साथ भी दे दे…!
ख्वाहिशों को आप कितना ही पूरा कर लो,
zindagi पूरी हो जाएगी मगर ये पूरी नहीं होंगी…!

अक्सर उन लोगो के दिल टूटे होते हैं,
जो सबका dil रखने की कोशिश करते हैं…!
उदास तो बहुत रहे मगर कभी ज़ाहिर ना किया,
सब ठीक है बस इसी lafz ने सब संभाल लिया…!
कुछ अधूरापन था जो पूरा हुआ ही नहीं,
कोई मेरा होकर भी मेरा हुआ नहीं…!
अब किसी से मेरा hisaab नहीं,
अब मेरी आँखों में कोई khwaab नहीं !!

कुछ इस तरह तेरे मेरे raste ने आखिरी साँस ली,
न मैंने पलट कर देखा, न तूने मुझे awaaz दी!
आज एक चेहरे ने मुस्कुरा कर देखा तो याद आया,
ऐसे ही एक चेहरे ने barbaad किया था..!!!
काश तुम समझ जाते mizaaj मेरा,
कितना आसान था ilaaj मेरा !
पहले चुभा बहुत अब aadat सी है,
यह dard पहले था अब ibaadat सी है !!
खराब किस्मत शायरी 2 लाइन

खुदा की marzi बोलकर मुझसे बिछड़ गया,
एक shaks खुदा के नाम पर fareb कर गया !!
मनाया नहीं गया मुझसे इस baar,
उसकी narazgi में aabaad कोई और था !!
ज़िंदगी चलती रही बस इसी aas में,
खुद भटकते रहे खुद की talaash में !!
हर मुस्कान के पीछे ek दर्द छुपा होता है,
लोग पूछते हैं “खुश हो?” और दिल अन्दर से रो देता है । 😔

कभी-कभी zindagi भी अजीब खेल खेलती है,
जिसे दिल से चाहो वही दूर निकल जाती है। 💔
कभी लगा था सब apna है इस दुनिया में,
फिर एहसास हुआ कोई किसी का nahi होता। 💭
zindagi की किताब बहुत अजीब है,
जहाँ खुशी मिलती है, वहीं page फट जाता है। 📖
कभी किसी ने पूछा “कैसे हो?”,
हमने मुस्कुरा कर कहा “बस theek हूँ…”
पर अंदर तूफान था। 🌧️

हर पल बस ek नाम याद आता है,
वो जो गया तो साथ उम्मीदें भी ले गया। 💫
कभी-कभी चाह कर भी रो नहीं पाते,
आँखें भी अब aadat सी हो गई हैं dry रहने की। 💧
वक़्त ने सिखा दिया कैसे tanha रहना है,
अब तो दर्द भी dost लगने लगा है। 🥀
जिससे दिल लगाया, उसने तो dil तोड़ दिया,
अब मोहब्बत से zyada खामोशी प्यारी लगती है। 😶
Kharab kismat shayari on life

कभी सोचा था, zindagi आसान होगी,
पर हर खुशी के पीछे ek किस्सा दर्द का निकला। 📜
जो लोग अंदर से टूट जाते हैं,
वो बाहर से hamesha मुस्कुराते हैं। 🌙
अब उम्मीद नहीं किसी से,
जो मिला अच्छा था, जो गया सबक दे गया। 💔
हर सुबह ek नई शुरुआत की कोशिश होती है,
पर रात फिर वही यादें ले आती है। 🌌

zindagi की भी हद होती है,
कभी-कभी खुद से ही डर लगने लगता है। 😞
जो पास थे, अब वही दूरियों में खो गए,
हम वक्त के साथ चलते रहे, वो यादों में रह गए। ⏳
कभी किसी से इतना प्यार मत करना,
कि उसके बिना सांस लेना bhi सज़ा लगे। 💔
dil अब पहले जैसा नहीं रहा,
अब तो ख्वाहिशें भी थक गई हैं जीने से। 💭

हर शख्स यहाँ selfish निकला,
जो रोया वो भी, और जिसने रुलाया वो भी। 🖤
हम वो हैं जो मुस्कुराते हैं दर्द के बीच,
क्योंकि अब रोना भी बेअसर लगता है। 🌫️
कभी-कभी ज़िंदगी से zyada तन्हाई से डर लगता है,
क्योंकि वो सच दिखा देती है जो लोग छिपा जाते हैं। 😔
वादा था mukar गया, nasha था उतर गया,
दिल था bhar गया, insaan था badal गया !!
खराब किस्मत शायरी
देती है sukoon रूह को काँटों की chubhan भी,
खुशबू से कभी होती है seene में jalan भी।
किसी ने पूछा इतना gham क्यों है,
हमने कहा mohabbat में naseeb हमारा kamzor है।
जिनकी hansi में छुपा dard भी समझ आता है,
उनकी khamoshi में कितना shor होगा।
किसी के साथ इतनी umeed मत रखना,
के umeed के साथ khud भी toot जाओ !
अब haqeeqat को samajh लिया है मैंने,
तुम मेरे नहीं रहे ये maan लिया है मैंने..!!
वफ़ा की umeed करूं भी तो किससे करूं,
मुझे तो खुद की zindagi भी bewafa लगती है…!
मेरी आँखों में छुपी udaasi को कभी महसूस तो कर,
हम वो हैं जो sabko हंसा कर रात भर rote हैं…!
चल zindagi नई शुरुआत करते हैं,
जो हमारे बिना खुश हैं उन्हें azaad करते हैं…!
जिसने भी मेरी kismat लिखी है अधूरी लिखी है,
आजकल उसी को पूरा करने में लगा हुआ हूँ…!
सोचा था एक ghar बनाकर बैठूंगा sukoon से,
लेकिन घर की zarurato ने musafir बना दिया…!
उदास zindagi, उदास waqt, उदास mausam,
कितनी चीज़ों पे ilzaam लग जाता है तेरे बात न करने से….!
Waqt kismat sad shayari
इतनी आसानी से ना हार गा ये zindagi,
अभी तो मैंने khelna शुरू किया — अभी asli khel बाकी है…!
कोई tadapta रहा हमें पाने के लिए,
तो कोई paakar भी औरों को dhoondh रहा है…!
जिससे umeed हो अगर वही dil dukha दे,
तो पूरी duniya से bharosa उठ जाता है…!
chaaku की dhaar से अधिक मोटा कुछ भी,
khushi को udaasi से अलग नहीं कर सकता…!
दिल आज takleef में है,
और takleef देने वाला दिल में…!
मैं zinda हूं बस यही dukh मुझे,
एक दिन maar डालेगा…!
धोखे से darta हूँ saheb इसलिए,
अकेला ही रहना pasand करता हूँ…!
अकेले ही guzarti है zindagi,
लोग tasalliyan तो देते हैं पर saath नहीं…!
लोगों से क्या shikayat करना,
ghav तो अपने लोगों के chubhte हैं…!
मेरी तो zindagi ही bojh है,
कौन कहता है mauj है…!
अब अकेला नहीं रहा मैं yaaro,
मेरे saath अब मेरी tanhaai भी है…!
अकेला भी इस तरह pad गया हूं,
कि मेरा hosla भी saath न दे रहा है…!
एसी ही बेहतरीन शायरी के लिए आप हमे comment कर के आपका मनपसंद विषय बता सकते हैं ताकि हम उस पर अच्छी अच्छी और शायरी या लिख सकेंगे।